मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग की अधिसूचना संख्या-मं0म0-01/आर0-02/2007-602 दिनांक-20.03.07 द्वारा दिनांक-01.04.2007 के प्रभाव से राज्य के विभागों के पुर्नगठन के क्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का गठन किया गया है। बिहार राज्य के अधीन वर्तमान में 131 जातियाँ पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के अधीन सम्मिलित है, जिनकी सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति संतोषजनक नही हैं।

इस विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय स्तर की शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने एवं आर्थिक सहायता प्रदान करने के उददे्ष्य से प्री मैट्रिक (विद्यालय) छात्रवृत्ति योजना संचालित है एवं इन वर्गों के छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करने के उददे्ष्य से प्रवेषिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है।

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने हेतु इस विभाग के अन्तर्गत वर्तमान में 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय संचालित है, जिसमें वर्ग-6 से 12 तक शिक्षा की व्यवस्था है एवं इन विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क भोजन, पठन-पाठन सामाग्री, पुस्तकालय तथा तेल, साबुन इत्यादि की सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में विषम एवं विपरित परिस्थितियों में रहकर उच्च शिक्षा की लालसा रखने वाले पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्र/छात्राओं के लिए जिला मुख्यालय स्तर पर वर्तमान में 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास संचालित है।

वित्तीय वर्ष 2008-09 से अत्यन्त पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के सम्यक् विकास हेतु मुख्यमंत्री अत्यन्त पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यन्त पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ की गयी है।